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सरकार की “मातृत्व लाभ योजना” के तहत महिलाओं को डिलीवरी के बाद 6000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह योजना प्रसूता महिलाओं की सेहत, पोषण और बच्चे की बेहतर देखभाल के लिए शुरू की गई है। नीचे पूरी जानकारी दी गई है कि ये 6000 रुपये कैसे मिलते हैं और इसके लिए आवेदन कैसे करना है।
योजना का नाम
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना (PMMVY)
उद्देश्य
इस योजना का मकसद गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता देकर मातृत्व के दौरान होने वाले आर्थिक दबाव को कम करना है। इससे महिला को पौष्टिक भोजन, स्वास्थ्य जांच और बच्चे की देखभाल में मदद मिलती है।
पात्रता
- महिला भारत की नागरिक होनी चाहिए।
- पहली बार गर्भवती होने पर लाभ दिया जाता है।
- महिला की उम्र 19 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए।
- लाभ केवल सरकारी या मान्यता प्राप्त अस्पताल में डिलीवरी के बाद मिलेगा।
राशि का वितरण
कुल 6000 रुपये तीन किश्तों में मिलते हैं:
- पहली किश्त: 1000 रुपये — गर्भावस्था के रजिस्ट्रेशन पर।
- दूसरी किश्त: 2000 रुपये — आवश्यक जांच और टीकाकरण के बाद।
- तीसरी किश्त: 3000 रुपये — बच्चे के जन्म के बाद और जन्म पंजीकरण कराने पर।
आवेदन प्रक्रिया
- अपने नजदीकी आंगनवाड़ी केंद्र या स्वास्थ्य केंद्र में संपर्क करें।
- PMMVY फॉर्म 1A, 1B, और 1C भरकर जमा करें।
- आधार कार्ड, बैंक पासबुक, गर्भावस्था पंजीकरण कार्ड (ANC कार्ड) और बच्चे का जन्म प्रमाणपत्र लगाएं।
- स्वीकृति के बाद राशि सीधे सरकारी खाते से महिला के बैंक खाते में DBT (Direct Benefit Transfer) के जरिए भेजी जाती है।
महत्वपूर्ण बातें
- यह योजना केवल पहली डिलीवरी पर लागू होती है।
- योजना का संचालन महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा किया जाता है।
- किसी भी समस्या के लिए मंत्रालय के हेल्पलाइन नंबर या pmmvy.nic.in वेबसाइट पर संपर्क करें।
निष्कर्ष
अगर आपने हाल ही में बच्चे को जन्म दिया है, तो इस सरकारी योजना का लाभ उठाना न भूलें। सही दस्तावेज और जानकारी के साथ आवेदन करें, आपको डिलीवरी के बाद सीधे 6000 रुपये का लाभ आपके बैंक खाते में मिल जाएगा। यह योजना महिलाओं के सशक्तिकरण और बच्चे के स्वस्थ भविष्य की दिशा में एक बेहतरीन पहल है।



