मिर्जापुर में बुधवार सुबह बड़ा Mirzapur Train Accident हुआ जब छह यात्रियों की मौत कलका मेल ट्रेन से कटकर हो गई। हादसा सुबह करीब 9:15 बजे चुनार रेलवे स्टेशन पर हुआ जब यात्री गोमो–प्रयागराज एक्सप्रेस से उतरकर गलत दिशा से ट्रैक पार कर रहे थे। तभी प्लेटफॉर्म नंबर तीन से गुजर रही कalka Mail ने उन्हें टक्कर मार दी।
हादसे का विवरण
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गोमो–प्रयागराज एक्सप्रेस से उतरे कुछ यात्री स्टेशन के बाहर जल्दी पहुंचने के लिए पटरियों को पार करने लगे। उसी दौरान विपरीत दिशा से कलका मेल गुजर रही थी, जिसने छह लोगों को अपनी चपेट में ले लिया।
घटनास्थल पर अफरा-तफरी मच गई। रेल प्रशासन ने तुरंत NDRF और SDRF की टीमें मौके पर भेजीं। शवों को जिला अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का बयान
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के लिए ₹2 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने ट्वीट कर कहा —
“मिर्जापुर में ट्रेन दुर्घटना अत्यंत दुखद है। संबंधित अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर राहत कार्य तेज करने और घायलों के उपचार की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए हैं।”
केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने जताया शोक
मिर्जापुर संसदीय क्षेत्र की सांसद और केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने भी इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने कहा —
“यह बेहद हृदयविदारक घटना है। जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि तुरंत राहत कार्य संचालित करें और घायलों का समुचित इलाज सुनिश्चित करें।”
राज्य मंत्री संजीव कुमार गौड़ का बयान
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री संजेव कुमार गौड़ ने कहा कि मृतकों में पांच लोग मिर्जापुर और एक व्यक्ति सोनभद्र जिले के निवासी हैं।
उन्होंने बताया कि सभी गंगा स्नान के लिए जा रहे थे।
“अगर किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी,” उन्होंने कहा।
रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया
रेलवे विभाग ने इस हादसे को लेकर प्राथमिक जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक, यात्रियों को प्लेटफॉर्म ब्रिज का उपयोग करना चाहिए था लेकिन जल्दबाजी में उन्होंने सीधे ट्रैक पार करने की कोशिश की।
रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने लोगों से अनुरोध किया है कि वे स्टेशन पर सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
पिछले दिन बिलासपुर में भी हादसा
यह दुर्घटना ऐसे समय में हुई जब एक दिन पहले ही छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में एक train collision में 11 लोगों की मौत हो गई थी।
दोनों घटनाओं ने भारतीय रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
निष्कर्ष
मिर्जापुर का यह हादसा एक बार फिर यह याद दिलाता है कि रेलवे ट्रैक पार करते समय थोड़ी-सी असावधानी जानलेवा साबित हो सकती है। सरकार ने राहत और जांच दोनों के आदेश दे दिए हैं, लेकिन ज़रूरत है कि यात्रियों में सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़े ताकि ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।






