Home राजनीति बिहार चुनाव 2025: योगी आदित्यनाथ का ‘पप्पू-टप्पू-अप्पू’ तंज, सियासी पारा चढ़ा

बिहार चुनाव 2025: योगी आदित्यनाथ का ‘पप्पू-टप्पू-अप्पू’ तंज, सियासी पारा चढ़ा

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बिहार चुनाव 2025 जैसे-जैसे करीब आ रहे हैं, नेताओं की बयानबाजी में भी गर्माहट बढ़ती जा रही है। दरभंगा की जनसभा में यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस, राजद और सपा के नेताओं पर तीखा वार करते हुए उन्हें “पप्पू, टप्पू और अप्पू” कह डाला। यह बयान गांधीजी के “तीन बंदरों” के सिद्धांत से जोड़ते हुए विपक्ष पर तंज के रूप में दिया गया।


🔹 दरभंगा रैली में योगी आदित्यनाथ का हमला

दरभंगा के केवटी विधानसभा क्षेत्र में चुनावी जनसभा को संबोधित करते हुए योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी (पप्पू), राजद नेता तेजस्वी यादव (टप्पू) और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (अप्पू) को “सच न बोलने, न देखने, न सुनने” वाला बताया।
उन्होंने गांधीजी के ‘See no evil, Hear no evil, Speak no evil’ विचार को संदर्भ बनाते हुए कहा —

“ये लोग विकास को न देखते हैं, न सुनते हैं, न उस पर बोलते हैं। ये तीनों बिहार के विकास के दुश्मन हैं।”

यह बयान न सिर्फ रैली के माहौल को जीवंत कर गया, बल्कि बिहार की राजनीति में नई बहस भी छेड़ गया।


🔸 बयान का राजनीतिक और सामाजिक असर

  • योगी आदित्यनाथ का यह तंज भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
  • एनडीए इस बयान के ज़रिए अपने वोट बैंक — खासकर युवा और हिंदू मतदाताओं — को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
  • दूसरी ओर, महागठबंधन के नेता इसे “बेतुकी बयानबाजी” बताते हुए मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश बता रहे हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे बयानों से बिहार में चुनावी ध्रुवीकरण तेज़ हो सकता है।

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🔹 ISE एनालिसिस: चुनावी समीकरण और रणनीति

ISE (Indian Social & Electoral) विश्लेषण के अनुसार —

  • NDA अपने “डबल इंजन सरकार” और विकास मॉडल पर ज़ोर दे रहा है।
  • महागठबंधन जातीय समीकरणों, बेरोजगारी और सामाजिक न्याय के मुद्दों को उभार रहा है।

🧩 अनुमानित सीटें (Opinion Poll Analysis)

गठबंधनअनुमानित सीटेंप्रमुख नेतामुख्य एजेंडा
NDA120–140मोदी, योगीविकास व कानून व्यवस्था
महागठबंधन93–112तेजस्वी, राहुलजातीय व सामाजिक मुद्दे

ओपिनियन पोल के अनुसार, तेजस्वी यादव बिहार के सबसे लोकप्रिय सीएम उम्मीदवार बने हुए हैं, जबकि NDA की सीटें स्थिर रुझान पर हैं।


🔸 चुनावी असर और भविष्यवाणी

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि योगी आदित्यनाथ का यह बयान NDA के लिए दोतरफा फायदा ला सकता है —
एक तरफ यह बयान भाजपा समर्थकों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष की छवि पर व्यंग्य का प्रभाव डालता है।

वहीं, महागठबंधन को अब अपने मुद्दों और नेतृत्व दोनों को और मज़बूती से पेश करने की चुनौती है।


बिहार चुनाव 2025 में बयानबाजी और कटाक्ष अब पूरी तरह केंद्र में आ चुके हैं। “पप्पू, टप्पू और अप्पू” वाला तंज यह दिखाता है कि इस बार का चुनाव सिर्फ मुद्दों पर नहीं, बल्कि नेताओं की जुबानी जंग पर भी टिका है।

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