ऑस्ट्रेलिया ने भारत के खिलाफ दूसरे वनडे मैच में रोमांचक अंदाज में 2 विकेट से जीत दर्ज कर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल की है। इस हार के साथ भारत को सीरीज से बाहर होना पड़ा। इस मैच में रोहित शर्मा और श्रेयस अय्यर ने जुझारू पारियाँ खेलीं, लेकिन ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाज मैथ्यू शॉर्ट और कूपर कॉनोली की शानदार बल्लेबाजी ने खेल का रूख अपने पक्ष में कर लिया।
भारतीय पारी: रोहित-अय्यर की मजबूत साझेदारी और मध्यक्रम की कमजोरी
ऑस्ट्रेलिया ने टॉस जीतकर गेंदबाजी करने का निर्णय लिया, जो काफी फायदेमंद साबित हुआ। भारतीय टीम को शुरुआत में ही शुभमन गिल (9) और विराट कोहली (0) के विकेट गवाने पड़े। कोहली ने लगातार दूसरे मैच में बिना रन बनाए आउट होकर टीम को बड़ा झटका दिया। इसके बाद, रोहित शर्मा ने धैर्यपूर्वक 97 गेंदों पर 73 रन बनाकर पारी को संभाला, जबकि श्रेयस अय्यर ने 77 गेंदों में 61 रन जोड़े। दोनों के बीच 118 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी बनी, लेकिन उनके आउट होने के बाद मध्यक्रम संघर्ष करने लगा। अक्षर पटेल ने 41 गेंदों में 44 रन बनाए, और निचले क्रम के तेज गेंदबाजों हर्षित राणा और अर्शदीप सिंह ने अंत में 37 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी कर टीम का स्कोर आगे बढ़ाया।
ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजी का दमदार प्रदर्शन
ऑस्ट्रेलिया के स्पिनर एडम ज़म्पा ने अपनी शानदार गेंदबाजी से 10 ओवर में 4 विकेट हासिल किए। वहीं, युवा तेज गेंदबाज ज़ेवियर बार्टलेट ने 39 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट लिए, जिनमें भारतीय बल्लेबाजों गिल और कोहली भी शामिल थे। इसके अलावा, मिचेल स्टार्क ने भी दो अहम विकेट प्राप्त किए, जिसमें रोहित शर्मा का विकेट सबसे महत्वपूर्ण था।
ऑस्ट्रेलियाई रन चेज़ में युवा बल्लेबाजों का जलवा
ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत कुछ मंद रही, लेकिन कप्तान मिचेल मार्श जल्दी आउट हो गए। मैथ्यू शॉर्ट ने धैर्य के साथ 78 गेंदों में 74 रन बनाए, जिसमें 4 चौके और 2 छक्के शामिल थे। उन्हें दो जीवनदान मिले, जिनका उन्होंने फायदा उठाया। युवा कूपर कॉनोली ने 53 गेंदों में नाबाद 61 रन बनाकर टीम को जीत की कगार पर पहुंचाया। कूपर कॉनोली और मिचेल ओवन ने मिलकर निर्णायक साझेदारी कर भारत को शिकस्त दी।
मैच के अहम मोड़
- कोहली का लगातार दूसरे मैच में शून्य पर आउट होना भारतीय टीम के लिए बड़ा झटका रहा।
- रोहित और अय्यर की साझेदारी ने पारी को सही दिशा दी, लेकिन उनके गिरने के बाद पारी लड़खड़ा गई।
- मैथ्यू शॉर्ट को मिले जीवनदानों ने मैच का रुख ऑस्ट्रेलिया की ओर मोड़ा।
- कूपर कॉनोली और मिचेल ओवन की साझेदारी ने अंतिम क्षणों में ऑस्ट्रेलिया को जीत दिलाई।
निष्कर्ष
यह मैच भारत के लिए गंभीर चिंता का विषय है, खासकर शीर्ष क्रम बल्लेबाजों की फॉर्म और मध्यक्रम की कमजोरियों के कारण। हालांकि रोहित और अय्यर की पारियों ने टीम को संभाला, ऑस्ट्रेलिया के युवा बल्लेबाजों ने दबाव में शानदार प्रदर्शन कर टीम को जीत दिलाई। अब भारत को तीसरे वनडे में अच्छा प्रदर्शन कर क्लीन स्वीप से बचना होगा।






